प्रसव उपरांत टीका लगने से हुई बच्चे की मौत,बच्चे के परिजनों ने लगाया अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप,,

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अनिल साहू

स्वास्थ्य मंत्री के संभाग में नहीं थम रही जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित जिला चिकित्सालय के अंदर स्वास्थ्य व्यवस्था,,

परिजनों ने लगाया समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भैयाथान पर लापरवाही के आरोप आखिर किसकी लापरवाही से हुई दो दिन के नौजात शिशु की मृत्यु

सुरजपुर जिले के मुख्य एवं चिकित्सा अधिकारी ने दिए जांच के आदेश

सूरजपुर । वर्तमान भाजपा सरकार के स्वास्थ्य मंत्री के संभाग के ही जिलों में स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है,, हर दिन अलग-अलग मामले देखने को मिलते रहते हैं पर जहा स्वास्थ्य मंत्री इन सब मामलो पर संज्ञान लेने के बजाय इन दिनों सिर्फ ट्रांसफर,, पोस्टिंग पर ही संज्ञान लिए बैठे हैं, एक बार फिर सूरजपुर जिले के भैयाथान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लापरवाही का आरोप परिजनों ने लगाया है, जहां प्रसव के बाद हुए बच्चे की 2 दिन के भीतर ही मौत हो गई जिसके बावजूद परिजनों ने कलेक्टर को शिकायत पत्र देकर जांच की मांग की है और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही करने की बात कही है,,
जिले के ही ग्राम पंचायत सिरसी के संजूला कुशवाहा पति राम नरेश कुशवाहा ने अपने शिकायत पत्र में बताया कि प्रसव हेतु 26 जुलाई को रात में ग्यारह बजे के आस पास सामुदायिक स्वास्थ केंद्र भैयाथान में लेकर गए थे जिसके बाद 27 जुलाई को रात लगभग 1 बजे बच्चे का जन्म हुआ जो की बिकुल ही स्वस्थ था,, बच्चे को टीका लगाने के बाद उनकी मां को दिया गया फिर दिन में भी बच्चे को 6 बजे 2 टीका और लगा और फिर टीका लगाने के बाद बच्चे को बहुत ही तेज बुखार आ गया था जिससे बच्चे की नानी के द्वारा ड्यूटी में तैनात डॉक्टर व नर्स को बताया गया कि की बच्चा काफी रो रहा है आप लोग चल कर देखिए,, तो डॉक्टर के द्वारा बच्चे को बिना देखे ही 2 सिरप लिख दिया गया और बोला गया कि जाइए बाहर से दवा ले कर आइए अभी यहां पर दवा नही मिलेगा परिजन के द्वारा बाहर से ही सिरप लाया गया और डॉक्टर एवं नर्स को दिखाए जाने पर डॉक्टर के द्वारा बोला गया कि 6 बूंद पीला देना परिजन के द्वारा सिरप का ढक्कन नही खुलने पर परिजन फिर नर्स के पास गए की खोल दीजिए नर्स के द्वारा बोला गया कि तुमसे नही खुला तो मेरे से क्या खुलेगा फिर परिजन खुद ही खोले फिर बच्चे को दवा पिलाए दवा पिलाई जाने के बाद भी बच्चे को रात भर काफी तेज बुखार था और बच्चे का रो रो कर बुरा हाल था जिससे बच्चे के नानी के द्वारा ड्यूटी पर तैनात नर्स को बोलने के बाद भी डॉक्टर, नर्स कोई देखने तक नही गए,, बोले की बुखार है जिसकी वजह से रो रहा है,,जैसे तैसे रात गुजारी तो सुबह लगभग 7 बजे फिर से परिजनों के द्वारा उन्हीं डॉक्टर और नर्स को फिर से जाकर बताया गया कि अभी तक बुखार नहीं उतरा है,, एक बार आकर देख तो लिजिए तो फिर नर्स के द्वारा गोल मोल जवाब मिला की दवाई खिलाने पर ठीक हो जाएगी,, और सुबह भी किसी ने आकर बच्चे को नहीं देखा फिर रात भर बच्चे के रोने की वजह से बच्चे का गला पूरी तरह से बैठ गया था वह ठीक से दूध भी नहीं पी पा रहा था, कुछ टाइम तक बच्चे के नानी के द्वारा बच्चे को गोदी में खेलाया गया फिर बच्चे को सुला दिया गया,, फिर जब सुबह डॉक्टर का शिफ्ट चेंज हुआ तो डॉक्टर देखने आए तो बोले की ये तो मृत है,, फिर सूरजपुर अन्य डॉक्टर आए उन्होंने देखा तो परिजनों से पूछा की बच्चे को कुछ काटा है क्या क्योंकि बच्चे का शरीर पूरी तरह से गला सहित पूरा का पूरा नीला और काला पड़ चुका था बच्चे के परिजनों ने बताया कि हम दिन रात बच्चे के साथ है,, तो कुछ आया ही नहीं है तो क्या कटेगा,, हॉस्पिटल वालो से पूछने पर बच्चे को बिना देखे बोलते है की बच्चे की मां ने गलत तरीके से बच्चे को दूध पिलाया गया है जिससे मां का दूध बच्चे के फेफडे में चला गया होगा,, इस लिए बच्चे की मृत्यु हो गई है जबकि परिजनों सहित बच्चे के मां ने बताया कि ये उनका दूसरा बच्चा है क्या मुझे नहीं पता की बच्चे को दूध कैसे पिलाना है और फिर बच्चे की मां रोने लगी,,

anil sahu
Author: anil sahu

जिला प्रतिनिधि सूरजपुर