
CG आजतक न्यूज़
ब्यूरो अंबिकापुर सरगुजा .

ओपन अडानी माइंस खोलने को लेकर हुई जन सुनवाई, सैकड़ों ग्रामीणों ने जमकर किया विरोध
कार्यक्रम में रहा अवेवस्था, नस्ता, खाना, पेय जल, शौचालय का दिखा कमी, बाथरूम के लिए खेतों की ओर परेशान रही महिलाए
सरगुजा जिले के उदयपुर विकास खंड के ग्राम केते, परसा, बासेन में मेसर्स राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड द्वारा माइंस खोलने को लेकर जिला प्रशासन द्वारा जन सुनवाई कार्यक्रम का आयोजन 2 अगस्त को किया गया।
जिसमें बड़ी संख्या दूर दराज से ग्रामीण उपस्थित होकर अपनी बात रखें कई राजनीतिक पार्टी, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने माइंस का विरोध किया तो कई ने सहमति देकर खोलने की मांग है।
कई महिलाओं ने मेसर्स राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के खिलाफ मोर्चा खोला बताया कि माइंस के कर्मचारी ग्रामीणों को बरगला कर लाए है,,
तो कई ने आरोप लगाया कि जन सुनवाई में ग्रामीणों को वाहनों में भर भर कर लाया गया था साथ ही उन्हें एक हजार रुपए देने का भी आरोप लगाया है।
जन सुनवाई में आए ग्रामीणों ने पूर्व में केते परसा में माइंस खुलने के बाद पुनर्वास नही देने, रोजगार नही देने, बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नही कराने का गंभीर आरोप लगाया है।
ग्रामीणों ने भी बताया कि माइंस खुलने से आदिवासी अंचल की संस्कृति नष्ट हो जाएगा अफसर कर्मचारी ग्रामीणों को लुभाकर लूटने का कार्य करते है।
फुट डालो राजनीतिक करने का कार्य करते है।
जन सुनवाई में बड़ी संख्या में प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण के महिलाए,
पुरुसो ने कैमरा के सामने माइक पर अपने व्यक्तव्य दिया है।.
किंतु कई ग्रामीण ने अपना विचार भीड़ जायदा होने के कारण नही दे पाये,
साथ ही दूर दराज से आए ग्रामीणों के लिए बैठने की उत्तम व्यवस्था नही किया गया था,
बारिश के कारण समूचे मार्ग में कीचड़ था।
वही महिलाओ पुरषों के लिए शौचालय, बाथरूम, पेय जल, नस्ता खाना का प्रबंध बेहतर तरीका से नही था।
माइंस के समर्थक ग्रामीणों को सुविधाएं उपलब्ध हुई किंतु दूर दराज से आए ग्रामीणों को ये सुविधाएं उपलब्ध नही था।
ग्रामीण कार्यक्रम में अपनी बात रखने के पूर्व ही भूख प्यास से अपने घरों की ओर चले गए, ऊपर से मौसम काफी मेहरबान था।
लगातार बारिश की बूंदो मे आम जन भिगाते रही,
प्रभावित क्षेत्र घाटबररा के ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध जताया है।
खदान नही खुलने की मांग की है।
नही तो सड़क पर आंदोलन करने की बात कही है। वही कार्यक्रम में पहुंचने पूर्व ही रास्ते में कई सामाजिक कार्यकर्ताओं, मीडिया बंधुओं को रास्ते में पुलिस द्वारा रोका गया।जो अन्यायऔचित्य है l






