
CG आजतक न्यूज़
ब्यूरो अंबिकापुर सरगुजा

सूरजपुर ब्रेकिंग
सूरजपुर जिले के रामानुजनगर के समीपथ परशुरामपुर
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मे मितानिन व दाई के द्वारा प्रसूती कराये जाने का मामला न्यूज़ अखबार व पोर्टल मे सुर्खियों मे है किन्तु अबतक जिम्मेदार स्टाप के विरुद्ध कार्यवाही नहीं करने से लोगों मे रोष व्याप्त है
ज्ञात हो की
रामानुजनगर परशुरामपुर हेल्थ एंड वेलनेश सेंटर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मे दो जून को रात के करीब 1:05 बजे ग्राम सुरता से सात लोग 1 महिला की डिलेवरी के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परशुरामपुर में पहुँचे थे
जब वे वहां पहुचे तो हॉस्पिटल का गेट अंदर से बंद था वहां आवाज दिया गया गया तब वहां से हॉस्पिटल के एक कर्मचारी दिखा जो वहां का पहरेदार का काम करने वाला था
मरीज की हालत गंभीर थी महिला गर्भवती थी लेकिन उसको देखने वाला वहां पर कोई नहीं था पहरेदार से पता चला कि हॉस्पिटल में भी कोई स्टाफ नहीं तब वहां महिला के पति और ऑटो चालक के साथ हॉस्पिटल के स्टॉफ को फोन से सम्पर्क किया गया
तब उन्हें स्टाप नर्स द्वारा मना कर दिया गया कि हम हॉस्पिटल अभी नहीं जा सकते
तब ऑटो ड्राइवर और गर्भवती महिला के पति उनको उनके घर पर लेने चले गए फिर भी हॉस्पिटल के स्टाफ ने मना कर दिया कि हम हम अभी रात में नहीं जाएंगे आप लोग चाहे तो श्रीनगर रामानुज नगर या फिर सूरजपुर ले जा सकते हैं
मनमानी समय है आप लोग को जहां जाना है चले जा हॉस्पिटल आने का यह समय नहीं है यह कहते हुए उन्हें जाने को कह दिया गया
महिला के पति और ऑटो ड्राइवर पुनः वापस हॉस्पिटल आ गए और उनके पहुंचते ही बच्चे जन्म हो गया था परिजनों के साथ दाई को लेकर नहीं आये होते और मितानिन नहीं होती तो पता नहीं उसकी डिलीवरी कौन कराया होता मितानिन और दाई ने मिलकर डिलीवरी कराया हॉस्पिटल सिर्फ देखने के लिए है या फिर मरीजों की इलाज के लिए है ज़ब की सरकार द्वारा गांव गांव मे उपस्वास्थ्य व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को प्रसूति केंद्र के रूप मे स्थापना किया है की दूर दराज वनाआंचल व ग्रामीण क्षेत्र के महिलाओं को किसी तरह से परेशानी नहीं होना चाहिए लेकिन यहां पर सरकार के सिस्टम के विपरीत कार्य किया जा रहा है ऐसे मे जन सरोकार व्यर्थ हो चूका है जबकि परशुरामपुर मे लगभग सुमुचित स्टापों की न्युक्ति किया जा चूका है इसके वावजूद भी मनमानी तरीके से ड्यूटी चल रहा है अब भी स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी यों के लचर व्यवस्था के कारण ही ऐसी परिस्तिथि निर्मित होती है वहीं ग्रामीणों की मांग है की जिला प्रसासन द्वारा रात्रि सेवा डिलेवरी था एमरजेंसी सुविधा उपलब्ध कराने के साथ विकास खंड मे पदस्थ खंड चिकित्सा अधिकारियों को व्यवस्थित हेतु निर्देशित करना अनिवार्य होगा जिससे आम से खास सभी के लिए सार्थक होगा l





