शासकीय महाविद्यालय सिलफिली में कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम का किया गया आयोजन

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

सूरजपुर अनिल साहू शासकीय महाविद्यालय सिलफिली में राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर कैरियर गाइडेंस सेल तथा आईक्यूएसी के सौजन्य से कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम मुख्य अतिथि श्रीमती स्निग्धा सिंह, के द्वारा  संस्कृति की देवी सरस्वती के छायाचित्र पर पुष्प चढ़ाकर तथा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। महाविद्यालय की छात्राओं ने पुष्प गुच्छ से उनका स्वागत किया। कार्यक्रम की संचालक डॉ. प्रेमलता एक्का ने राष्ट्रीय बालिका दिवस की पृष्ठभूमि पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के दिवस को राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाया जाता है। श्रीमती इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री के तोर पर 24 जनवरी 1966 को शपथ ली थी और महिला सशक्तिकरण का एक बड़ा उदाहरण लोगों के सामने पेश किया था। तब देश में ऐसा पहली बार हुआ था, जब कोई महिला प्रधानमंत्री बनीं थीं, इसलिए राष्ट्रीय बालिका दिवस के तौर पर 24 जनवरी के दिन को चुना गया। मुख्य वक्ता श्रीमती स्त्रिग्धा सिंह ने विद्यार्थियों को यूपीएससी तथा सीजीपीएससी की परीक्षा प्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उक्त प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कठोर परिश्रम तथा धैर्य की आवश्यकता है। उन्होंने अपने बचपन, शिक्षा, अपने द्वारा दी गई परीक्षाओं तथा उसमें सफलता-असफलता के विषय में सहजता से जानकारी देकर विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि एक मध्यवर्गीय परिवार या निम्न मध्यवर्गीय परिवार का होकर और छोटे-छोटे इंटरनेट में भी ढेर सारी परीक्षोपयोगी सामग्री शहरों में रहकर भी हम बड़ी परीक्षाओं की तैयारी आसानी से कर सकते हैं। जिसकी सहायता हम ले सकते हैं। बहुत अच्छे-अच्छे नोट्स उपलब्ध हैं जिसे हम मंगा कर घर में रहकर तैयारी कर
सकते हैं। हमें विषय विशेष के चयन तथा परीक्षाओं के चयन के समय अपनी रुचि का ध्यान रखना चाहिए। रुचि का विषय चुनने से हमारा मन पढ़ाई में बेहतर तरीके से लगता है। उन्होंने बताया कि 2000 ई के बाद के बच्चे इंटरनेट इत्यादि की अधिक समझ रखने वाले तथा अधिक तीव्र बुद्धि वाले बच्चे हैं तथा वे विभिन्न विषयों की समझ रखने वाले भी हैं। इससे उनके लिए राज्य अथवा राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी करना अधिक आसान है। उन्होंने छात्र-छात्राओं के बीच जाकर उनसे बातें की उनसे प्रश्न लिए तथा अत्यंत सरलता से सभी विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करने के लिए उनके आग्रह पर एक प्रेरणा गीत गाकर उन्हें मुग्ध कर दिया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ रामकुमार मिश्र ने मुख्य अतिथि को समय देने के लिए धन्यवाद दिया तथा उनके द्वारा दिए गए सुझावों पर विद्यार्थियों को अमल करने को कहा। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक श्री अजय कुमार तिवारी ने मुख्य वक्ता श्रीमती स्त्रिग्धा सिंह के वक्तृत्व की सराहना की। उन्होंने बताया कि बस्तर जैसे पिछड़े इलाके से पढ़कर कोई व्यक्ति छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर डीएसपी का पद प्राप्त कर सकता है, तो आप भी प्रेरित होकर राष्ट्रीय अथवा राज्य स्तर की बड़ी परीक्षाएं पास कर सकते हैं। नई पीढ़ी के लोग परिवर्तन को बहुत तेजी से महसूस कर रहे हैं। उन्हें अपनी समस्याओं का समाधान आसानी से मिल जाता है, लेकिन समस्याओं के समाधान के लिए अपने जीवन में सकारात्मक सोच को बनाए रखने की आवश्यकता है। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक श्री अमित सिंह बनाफर, श्रीमती शालिनी शांता कुजूर, श्रीमती अंजना, श्री भारत लाल कंवर, श्री आशीष कौशिक, कु. स्वाति यादव, श्री ज़फ़ीर, सुश्री नीलू सिंह के साथ कार्यालयीन स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे ।

anil sahu
Author: anil sahu

जिला प्रतिनिधि सूरजपुर