बिरंची धाम में गूंजेगी आस्था की ज्योति, बंजारा समाज ने लिया बड़ा संकल्प

SHARE:

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

भरत लाल गुप्ता 

उदयपुर। बंजारा समाज ने एक बार फिर अपनी एकता और सामाजिक चेतना का परिचय देते हुए प्रेमनगर तारा स्थित बिरंची बाबा धाम में आयोजित बैठक में कई अहम निर्णय लिए। बैठक में अलग-अलग विकासखंडों और प्रांतों से आए पदाधिकारियों व समाजजनों की उपस्थिति ने इसे व्यापक स्वरूप दिया।

 धूमधाम से मनाई जाएगी चैत्र नवरात्रि

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष भी चैत्र नवरात्रि पर बिरंची धाम में ज्योति कलश स्थापना कर नौ दिनों तक माता की भक्ति की जाएगी। अष्टमी के दिन सभी टांडों के परिवार एकजुट होकर भव्य सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करेंगे, जो समाज की एकता का प्रतीक बनेगा।

विकास के लिए उठे ठोस कदम

समाज के सर्वांगीण विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए—

सामुदायिक शेड निर्माण: बिरंची धाम में बड़े आयोजनों के लिए शेड निर्माण हेतु जनसहयोग और श्रमदान का आह्वान

शिक्षा पर जोर: 20 मार्च तक बच्चों का RTE के तहत प्रवेश सुनिश्चित करने का लक्ष्य

रोजगार: युवाओं को स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल

सामूहिक विवाह: जरूरतमंद परिवारों के लिए शासन की योजना में समय पर पंजीयन कराने का निर्णय

नशा मुक्ति अभियान: कुरीतियों को खत्म कर “नशा मुक्त समाज” बनाने का संकल्प

राजनीति में भागीदारी पर जोर

तारा परिक्षेत्र के अध्यक्ष कन्हाई राम बंजारा ने कहा कि समाज के विकास के लिए राजनीतिक भागीदारी बेहद जरूरी है। पंचायत से संसद तक प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, तभी समाज की आवाज मजबूत होगी।

वहीं अखिल भारतीय बंजारा सेवा संघ के जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार बंजारा ने एकजुटता को ही पिछड़ेपन से बाहर निकलने का सबसे बड़ा माध्यम बताया।

बड़ी संख्या में जुटे समाजजन

बैठक में धन सिंह बंजारा, रामजीत सिंह बंजारा, गजराज सिंह बंजारा, दयालू सिंह बंजारा, सुखराम बंजारा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और समाजजन मौजूद रहे।

कुल मिलाकर, यह बैठक सिर्फ धार्मिक आयोजन की तैयारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुधार और राजनीतिक भागीदारी जैसे मुद्दों पर ठोस रणनीति बनाकर बंजारा समाज ने एक मजबूत और जागरूक भविष्य की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया।

anil sahu
Author: anil sahu

जिला प्रतिनिधि सूरजपुर

सबसे ज्यादा पड़ गई